जब होने लगता
अहसास अंतर्मन को
पाप और पुण्य,
सत्य व असत्य,
कर्म और अकर्म का,
रखने लगता है पाँव
पहली सीढ़ी पर
स्व-मुक्ति की.
...कैलाश शर्मा
अहसास अंतर्मन को
पाप और पुण्य,
सत्य व असत्य,
कर्म और अकर्म का,
रखने लगता है पाँव
पहली सीढ़ी पर
स्व-मुक्ति की.
...कैलाश शर्मा